सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपंजीकृत इन्वेस्टमेंट सलाहकार

किसी की बात मानने से पहले सोचें!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपंजीकृत इन्वेस्टमेंट सलाहकार से सलाह लेने के छिपे हुए जोखिम

किसी की बात मानने से पहले सोचें!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपंजीकृत इन्वेस्टमेंट सलाहकार से सलाह लेने के छिपे हुए जोखिम

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सोशल मीडिया के ज़माने में, आपको फाइनेंशियल सलाह भी रील में ही मिल जाती है.
एक मुस्कुराता हुआ इंस्टाग्राम क्रिएटर बोलता है, "हर महीने ₹5,000 इन्वेस्ट करने से आप करोड़पति बन सकते हैं."
एक यूट्यूब वीडियो छह महीने में कमाई की गारंटी देता है.
एक ट्वीट में 'अगले बड़े स्टॉक' की घोषणा की जाती है

सुनने में मज़ेदार लगता है, है न? लेकिन एक बात जानना ज़रूरी है:

इन तथाकथित 'फिनफ्लुएंसर' में से कई असल में योग्य पेशेवर नहीं हैं. हालांकि कुछ फिनफ्लुएंसर रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट या इन्वेस्टमेंट सलाहकार हो सकते हैं, लेकिन ज़्यादातर लोग बिना किसी रजिस्ट्रेशन के काम कर रहे हैं और इनकी सलाह मानना आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है.

मार्च 2025 की एक रिपोर्ट (सीएफए इंस्टीट्यूट) में खुलासा हुआ है कि सोशल मीडिया से प्रभावित 82% इन्वेस्टर्स ने फिनफ्लुएंसर की सलाह पर कार्रवाई की है. इनमें से केवल 2% ही सेबी-रजिस्टर्ड हैं, जबकि 33% सीधे स्टॉक के सुझाव देते हैं, जो नियामक निगरानी की गंभीर कमी को उजागर करता है. और भी बुरा यह कि 8% इन्वेस्टर्स ने बताया कि वे गुमराह हुए या ठगी का शिकार बने और 40 से ऊपर की उम्र वालों में यह संख्या 14% तक पहुंच गई है.

मुद्दा यह नहीं है कि फिनफ्लुएंसर इन्वेस्ट संबंधी निर्णयों को प्रभावित करते हैं या नहीं, असली सवाल यह है कि क्या वे ऐसा करने के लिए योग्य और जवाबदेह हैं.

ये 'फिनफ्लुएंसर' कौन हैं?

ये ऐसे कंटेंट क्रिएटर होते हैं जो स्टॉक, म्यूचुअल फंड, क्रिप्टो, आईपीओ और ट्रेडिंग के बारे में बात करते हैं. उनकी पोस्ट में इन्वेस्ट को आसान और मनोरंजक बनाकर पेश किया जाता है और अक्सर उनके फॉलोअर बहुत ज़्यादा होते हैं.

हालांकि कुछ का उद्देश्य वास्तव में शिक्षित करना है, लेकिन कई लोगों के पास इन्वेस्टमेंट की सलाह देने के लिए योग्यताओं या लाइसेंस की कमी होती है.
कुछ लोग पैसे के बदले वित्तीय प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देते हैं, लेकिन अपनी संबद्धताओं का खुलासा नहीं करते. अन्य सीधे मैसेज के माध्यम से "व्यक्तिगत सुझाव" देते हैं.

जोखिमों को पहचानते हुए, सेबी ने 2023 में एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया
(https://www.sebi.gov.in/reports-and-statistics/reports/aug-2023/consultation-paper-on-association-of-sebi-registered-intermediaries-regulated-entities-with-unregistered-entities-including-finfluencers-_75932.html)और अपंजीकृत इन्फ्लुएंसर पर सख्त कार्रवाई शुरू की. इसके चलते सेबी-नियमित इकाइयों को भी उनके साथ जुड़ने से मना किया.

सेबी क्या कहती है

सेबी ने यह स्पष्ट कर दिया है:

केवल रजिस्टर्ड मध्यस्थ ही इन्वेस्टमेंट की सलाह दे सकते हैं.

सेबी के नियमों के अनुसार:

  • रजिस्टर्ड सलाहकारों को सख्त योग्यता और प्रमाणन मानदंडों को पूरा करना होगा.

  • उन्हें किसी भी हितों के टकराव का खुलासा करना होगा.

  • वे रिटर्न की गारंटी नहीं दे सकते हैं.

  • आप यहां एडवाइज़र के क्रेडेंशियल को सत्यापन कर सकते हैं:
    👉 सेबी रजिस्टर्ड लिस्ट

अनरजिस्टर्ड इन्फ्लूएंसर को फॉलो करने के वास्तविक जोखिम

  • पंप-एंड-डंप स्कीम: वे संदिग्ध स्टॉक्स का प्रचार करते हैं, उनकी कीमतें बढ़ाते हैं, और फिर मुनाफे के लिए बेच देते हैं, जिससे आपको नुकसान उठाना पड़ता है.

  • छिपे हुए प्रमोशन: हो सकता है वे जिन प्रोडक्ट्स या ऐप्स का समर्थन करते हैं, उनसे उन्हें मौद्रिक लाभ मिलता हो, लेकिन वे इसका खुलासा नहीं करते.

  • पूंजी नुकसान: खराब सलाह = खराब निर्णय = वास्तविक वित्तीय नुकसान.

  • कोई जवाबदेही नहीं: अगर उनके "टिप्स" फेल हो जाते हैं, तो आपके पास शिकायत करने का कोई औपचारिक तरीका नहीं होता.

याद रखें: वायरल होना क्वालिफाइड होने के समान नहीं है.

खुद को कैसे सुरक्षित करें

  1. सोशल मीडिया की सलाह पर बिना सोचे-समझे कभी कार्रवाई न करें, चाहे लाइक और फॉलोअर्स कितने भी हों.

  2. वित्तीय सुझावों पर भरोसा करने से पहले हमेशा सत्यापित करें कि क्या व्यक्ति सेबी-रजिस्टर्ड है.

  3. अप्रमाणित फिनफ्लुएंसर द्वारा प्रचार किए गए प्लेटफॉर्म या ऐप से बचें, खासकर जो जल्दी लाभ का वादा करते हैं.

  4. कभी भी सोशल प्लेटफॉर्म पर पर्सनल वित्तीय जानकारी (जैसे पैन, आय या टारगेट) शेयर न करें.

  5. सेबी या cybercrime.gov.in के माध्यम से भ्रामक कंटेंट की रिपोर्ट करें.

अंतिम बात: लाइक खरीदे भी जा सकते हैं. विश्वास नहीं खरीदा जा सकता.

आपका वित्तीय भविष्य ऐसी सलाह का हकदार है जो ज्ञान और जवाबदेही पर आधारित हो, ना कि सिर्फ वायरल की चकाचौंध पर.

सेबी-रजिस्टर्ड सलाहकार प्रशिक्षित होते हैं, नियमन के तहत आते हैं और ज़िम्मेदार होते हैं. इसकी जगह सोशल मीडिया की लोकप्रियता नहीं ले सकती.

इसलिए, किसी की बात मानने, इन्वेस्ट करने, या कोई कदम उठाने से पहले-
रुकें. जांचें. सत्यापित करें.
और आत्मनिर्भर इन्वेस्टर बनें.